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भारत का एक प्राचीनतम शहर है जिसका नाम है बनारस, जिसे हम काशी और वाराणसी नाम से भी जानते है। इसका उल्लेख हमारे धर्मग्रंथों में भी मिलता है। कहा जाता है प्राचीन काल में 5000 साल पहले भगवान शिव ने इस सुंदर शहर की स्थापना की थी। यह शहर विश्व के प्राचीनतम शहरों में गिना जाता हैं। इस शहर में हिंदू धर्म के साथ-साथ बौद्ध और जैन धर्म के पवित्र स्थल भी हैं। यहां पर विश्व प्रसिद्ध मंदिर काशी विश्वनाथ है जो भारत में शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक है। यहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों से लाखों श्रद्धालु हर वर्ष यहां की कला और संस्कृति को समझने आते है। बनारस में लगभग 23 हजार मंदिर मौजूद है यह आपको हर गली नुक्कड़ पर कोई न कोई प्राचीन मंदिर मिल जाएंगे।यहां से लगभग 6 किमी दूर सारनाथ नामक जगह मौजूद है जहां पर महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। वाराणसी में एक नहीं बल्की दज़र्नों बातों व चीजों के लिये प्रसिद्ध है। बनारस के गंगाघाट, बनारसी सिल्क साड़ी, बनारसी पान, बनारसी चाट के बारे में तो आप सभी ने सुना ही होगा।विश्व का पहला विश्वविद्यालय भी भारत में ही खुला था जिसका नाम नालंदा था। यहां पर देश ही नहीं बल्कि विदेशों के विद्यार्थी (जापान, मंगोलिया, इंडोनेशिया) शिक्षा ग्रहण करने आते थे। ये जानकर आपको हैरानी अवश्य होगी कि इस विश्वविद्यालय में तीन सौ कमरे हुआ करते थे, जिसमें 10 हजार से भी ज्यादा छात्र पढ़ते थे और उनको पढ़ाने वाले शिक्षक जिनकी कुल संख्या 2 हजार के ऊपर थी। नालंदा यूनिवर्सिटी में सात बड़े-बड़े कक्ष थे और पढ़ने के लिए नौ मंजिल तक की इमारत बनी हुई थी। इसके अलावा एक विशाल पुस्तकालय भी था, जिसमें तीन लाख से भी अधिक किताबें थीं। नालंदा यूनिवर्सिटी में प्रवेश पाना बहुत ही मुश्किल हुआ करता था यह पर सिर्फ प्रतिभाशाली छात्र ही प्रवेश पा सकते थे। यहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं रहना, खाना व उच्च शिक्षा निःशुल्क दी जाती थी।